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छत्तीसगढ़ की जनजातियों पर शोध और पुस्तकें

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छत्तीसगढ़ की जनजातियों पर शोध और पुस्तकें

  • छत्तीसगढ़ की जनजातियों पर सर्वप्रथम शोध करने वाले समाजशास्त्रियों में वेरियर एलविन का नाम प्रमुख रूप से लिया जाता है. इनकी पुस्तके हैं – द बैगा, द रीलिजन आफ इन्डीयन ट्राइब्स, द मुरियाज एंड देयर घोटूल, द अगरिया, मुरिया मर्डर एंड सुसाईड.
  • बस्तर की जनजातियों पर डब्‍ल्‍यू. बी. गिर्यसन ने भी काफी महत्वपूर्ण शोध ग्रन्थ लिखा. उनकी पुस्तक है – द मुरिया गोंड आफ बस्तर.
  • बस्तर के पूर्व कलेक्टर रह चुके प्रसिध्द समाजसेवी व जन आंदोलन से जुड़े श्री ब्रम्हदेव शर्मा की पुस्तकें आदिवासी विकास – एक सैध्दांतिक विवेचन, और आदिवासी स्वशासन भी काफी चर्चित हैं.
  • अन्य चर्चित पुस्तकें – बस्तर भूषण – केदारनाथ ठाकुर, आदिवासियों के बीच – श्री चंद जैन.

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