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छत्तीसगढ़ में सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology in Chhattisgarh)

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छत्तीसगढ़ में सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology in Chhattisgarh)

छत्तीसगढ़ की सूचना प्रौद्योगिकी नीति

  1. राजगार चाहने वालों” की अपेक्षा व “रोजगार देने वाले तैयार करना।
  2. सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश के लिये छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना।
  3. सूचना प्रौद्योगिकी के द्वारा अतिम व्यक्ति की आवश्यकता की पूर्ति करना।
  4. शासन व्यवस्था में सुधार के लिये सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली का अधिकतम उपयोग करना।
  5. इंटरनेट सुविधा को आम जनता तक उपलब्ध कराना, जिससे आसानी से सूचना उन तक पहुंचाई जा सके।
  6. कभी भी, कहीं भी. इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना।
  7. सभी स्कूलों में चरणबद्ध रूप से सभी हाईस्कूलों और कॉलेजों में 100 प्रतिशत सूचना प्रौद्योगिकी साक्षरता उपलब्ध कराना।
  8. नेट परियोजना का विकास करना।


चिप्स (CHIPS)

  • राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी के विकास को गति देने और संपूर्ण सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए छत्तीसगढ़ इंफोटेक एक बायोटेक प्रोमोशन सोसाइटी (चिप्स) की स्थापना की गई है।
  • .चिप्स राज्य सरकार द्वारा निर्मित की गई एक पंजीकृत सोसाइटी है, जो एक नोडल एजेंसी के रूप में काम करती है। यह संस्था राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी तथा बायोटेक्नालॉजी को आगे बढ़ाने तथा इसमे गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राज्य के मुख्यमंत्री, चिप्स की उच्चाधिकार प्राप्त शासी परिषद के प्रमुख हैं।

चॉइस (CHOICE) (छत्तीसगढ़ ऑनलाइन इन्फॉर्मेशन फॉर सिटीजन इम्पॉवरमेंट)

  • त्वरित नागरिक सेवाएं कमी भी, कहीं भी आधार पर प्रदान करने के लिए ‘एकल खिड़की निदान ।
  • चॉइस सेन्टरों से आधार कार्ड पंजीयन, मतदाता पहचान पत्र, बिजली बिल. जन-धन योजना, बैंकिंग एजेंट सेवा और पासपोर्ट आदि की सेवाएं दी जा चुकी है।
  • राज्य में 3000 से ज्यादा चॉइस केन्द्र संचालित है। इनका संचालन स्थानीय लोगों द्वारा किया जा रहा है। इनमें 50 से अधिक सरकारी सेवाएँ दी जा रही है। अब तक 30 लाख से अधिक लाभान्वित।
  • चिप्स’ ने ग्रामीण चॉइस केन्द्रों में कम्प्यूटर साक्षरता कार्यक्रम भी शुरू किया है।
  • चॉइस के साथ-साथ राज्य में ई-जिला परियोजना भी चल रही है।। इनमें तहसील कार्यालयों, कलेक्टोरेट, नगर पालिका, नगर निगम दफ्तरों सहित अधिकांश विभागों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया है।

लोक सेवा केन्द्र (Public Service Center)

राज्य के सभी 27 जिला मुख्यालयों में लोक सेवा गारंटी केन्द्र शुरू हो गए हैं, जिनमें आवेदकों को जाति, निवास. आमदनी प्रमाण
पत्र, जन्म-मृत्यु पंजीयन प्रमाण पत्र विवाह प्रमाण पत्र आदि ऑनलाईन प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है। यह केन्द्र लगभग
अ प्रकार की सेवाएं निर्धारित समय-सीमा में प्राप्त कर सकेंगे।

मोबाईल एप (Mobile App) )

  • राज्य सरकार के जनसम्पर्क विभाग के मोबाईल एप के माध्यम से अब राज्य शासन की नीतियों, निर्णयों और योजनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाती है।
  • मोर खीसा मोबाईल एप- इस ऐप के माध्यम से डिजिटल वित्तीय लेन-देन को बढ़ावा दिया जायेगा।

भुइयाँ

राज्य में भू-अभिलेखों के कम्प्यूटरीकरण और इनके वितरण के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग किए जाने से संबंधित योजना से अधिक गावों के नक्शों का कम्प्यूटरीकरण कर लिया गया है।

भौगोलिक सूचना प्रणाली (Geographie Information System)-

छत्तीसगढ़ देश का प्रथम राज्य है, जहां 20,000 से अधिक गांवों के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली तैयार की गयी है। इस पुलाव में 37 लेयर्स में मुख्यतः भू-अभिलेख नक्शा, सड़क मार्ग, भूमि के उपयोग, भूमि की जल निकासी, मिट्टी की किस्म, वन, जल संग्रहण, खनिज, सामाजिक, सांस्कृतिक और जनसंख्या की जानकारी संग्रहित की गयी है। छत्तीसगढ़ की भौगोलिक सूचना प्रणाली को भारत सरकार द्वारा नेशनल ई. गवर्नेस गोल्ड अवार्ड प्रदान किया गया है।

इसे भी पढ़ें : छत्तीसगढ़ में सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित सेवाओं की नीति

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