1857 की क्रान्ति एवं छत्तीसगढ़

1857 की क्रान्ति एवं छत्तीसगढ़ 1757 ई. के प्लासी के युद्ध से बंगाल में एक राजनीतिक सत्ता के रूप में स्थापित अंग्रेज अगले पचास वर्षों में समूचे भारत के एक मात्र और निर्विवाद शक्ति बन गए. यहाँ पैर जमाने के बाद अंग्रेजों ने प्रत्येक
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छत्तीसगढ़ में ब्रिटिश शासन का प्रभाव

छत्तीसगढ़ में ब्रिटिश शासन का प्रभाव सन् 1741 ई. से 1854 ई. तक छत्तीसगढ़ में नागपुर के भोंसलों का शासन रहा. मराठा शासन काल में छत्तीसगढ़ उपेक्षित रहा. उन्होंने अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए इसे एक उपनिवेश के रूप में देखा और उसका
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छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था

छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था मराठा काल में छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था का कोई संगठित प्रबन्ध नहीं था. इस क्षेत्र में शिक्षा का प्रसार अल्प था. अंग्रेजी सत्ता की स्थापना के बाद इस दिशा में एक व्यवस्थित प्रयास आरम्भ हुआ. हिन्दी के साथ
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छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक कल्याण व स्थानीय संस्थाएँ

छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक कल्याण व स्थानीय संस्थाएँ छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक कल्याण 1854-55 ई. में जन सुविधा एवं उसके कल्याण हेतु ब्रिटिश शासन ने यहाँ सत्ता सम्हालते ही सार्वजनिक कल्याण विभाग की स्थापना की. इस विभाग द्वारा सड़क, पुल, नहर,
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छत्तीसगढ़ में वन संसाधन

छत्तीसगढ़ में वन मराठा काल में वनों का कोई व्यवस्थित प्रबन्ध नहीं किया जाता था. वनोपज आवश्यकतानुसार जमींदारों के माध्यम से प्राप्त किया जाता था. साथ ही वनोपज का व्यापार विकसित नहीं था. अंग्रेजी शासनकाल में पृथक् वन विभाग की स्थापना की
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छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधन

छत्तीसगढ़ में खनिज छत्तीसगढ़ के भू गर्भ में विभिन्न प्रकार के खनिज जैसे लोहा, बॉक्साइट, कोयला, डोलोमाइट, चूना पत्थर, अभ्रक, सोना, कोरंडम, किम्बरलाइट, सीसा आदि प्रचुरता में हैं. अंग्रेजों ने इसका सर्वेक्षण आदि का कार्य अपने काल में
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छत्तीसगढ़ में वाणिज्य एवं उद्योग

छत्तीसगढ़ में वाणिज्य एवं उद्योग तत्कालीन समय में भारत एक कृषि प्रधान देश था, जबकि इंगलैण्ड मूलतः व्यापार प्रधान. अपने व्यापार के बल पर ही उसने दुनिया के एक विस्तृत भू भाग में अपने उपनिवेश स्थापित कर लिए थे. भारत भी आलोच्य काल में
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छत्तीसगढ़ में कृषि व सिचाई

छत्तीसगढ़ में कृषि व सिचाई छत्तीसगढ़ में कृषि ब्रिटिश पूर्व काल में मराठों द्वारा कृषि की उन्नति हेतु कोई प्रयास नहीं किये गये. यहाँ कृषि कार्य परम्परागत पद्धति से होता था. प्रदेश की कर व्यवस्था त्रासदकारी थी, जबकि अधिकांश लोगों की
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छत्तीसगढ़ में रेल यातायात

छत्तीसगढ़ में रेल यातायात छत्तीसगढ़ में रेल लाइन निर्माण का कार्य 19वीं शताब्दी के अंत में आरम्भ हुआ. अंग्रेजों ने नागपुर- छत्तीसगढ़ रेलवे के नाम से लाइनें बिछाने का कार्य आरम्भ किया. इसको मुख्यतः व्यापारिक सुविधा एवं लाभ तथा अकाल
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मराठा काल में छत्तीसगढ़ की यातायात व्यवस्था

मराठा काल में छत्तीसगढ़ की यातायात व्यवस्था यातायात मराठा एवं पूर्व काल में यातायात की स्थिति अत्यन्त दयनीय थी. अंचल के प्रमुख स्थलों को जोड़ने हेतु मार्ग नहीं थे, जो सड़कें थीं उनका रखरखाव नहीं होता था. साथ ही मार्ग सुरक्षित नहीं थे.
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